Sapno Ka Ek Parinda

सपनों का एक परिंदा
हर पल चला उड़ता,
नई नई गलियों में
मंज़िलें नई ढूंढता.

ऊँची ऊँची इमारतों में…
न मिला आशियाँ,
भूला इस क़दर कि
खो दिया आसमाँ

सपनों का एक परिंदा
हर पल चला […]

Go to Top