रेत में ठिकाने और फ्लाई ओवर की छाँव

1.       छत की ख्वाहिश लाज़मी है मगर बारिश के बगैर बसर कहाँ ,

ऊँची इमारत पसंद है मगर फूटपाथ के बगैर शहर कहाँ

मस्जिदों का नाम बहुत है मगर गरीब की दुवाओं के बगैर असर कहाँ ,

कातिल को रातों रोते […]

The Dread

Hearken! Oh! dear people! I know I have been labelled much for no fault of my own, but tell me what anyone else could have done in the face of this monstrosity. This ghoulish intervention in the calm […]

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